एक गुरू ही होता है | Teacher's Day Special


आए इस जहां पर नादान बनकर,
जायेंगे यहां से ज्ञानवान बनकर ।।
गुरु ही मुरझाये जीवन मे,
रंग भरता हैं भगवान बनकर ।।

कुछ नही आता था हमे,
रोना से ही शुरू होता है ।
सब कुछ सिखा जाने वाला, 
एक गुरु ही होता है ।।

पग पग में जीवन पथ पर, 
गुरु ही चलना सिखाता हैं ।
मुसीबतों के पहाड़ से, 
कैसे निकालना हैं बताता हैं ।।

कोई खून का रिश्ता नही फिर भी , 
सच्चा मित्र और पिता बन जाता हैं ।
हमारी गलतियों को सुधार कर, 
एक मानवता का पाठ पढ़ाता हैं ।।

बदले में हमसे कुछ नही लेता, 
सिर्फ देना जानता हैं ।
हमसे अलग होकर भी , 
हम सब को एक मानता हैं ।।

खुद तो वही रहते हैं, 
हमें ऊंची शिखर तक ले जाता हैं ।
इसीलिए गुरू के सामने दुनियां, 
नतमस्त होकर शीश झुकाता हैं ।।

जीवन में ज्ञान का हर पहलू, 
इनसे ही शुरू होता हैं ।
सब कुछ सिखा जाने वाला, 
एक गुरू ही होता है ।।
सब कुछ सिखा जाने वाला, 
एक गुरू ही होता है ।।

शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.....!


---------परम साहू----------