नवा बछर के नवा मया
"Celebrating New Year with the sweetness of Chhattisgarhi Culture"
आओ इस नए साल में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की मिठास घोलें, पुरानी गलतियों को भूलकर एक नए छत्तीसगढ़ का निर्माण करें। जय जोहार!
🌿 कविता का भाव (Essence)
इस छत्तीसगढ़ी कविता में कवि ने नए साल के आगमन पर सामाजिक बदलाव, अपनी संस्कृति (फरा, चीला, पंथी, सुआ) को बचाने, हसदेव जंगल की रक्षा करने और भाईचारे का संदेश दिया है।
नवा बछर के नवा मया म
चल मिल के नहाबो
गुत्तूर बोली के गुलगुलहा भजिया ल
मिल बांट के खाबो
सुरता के मोटरी गठियाये रहीबो
हमर मया के दीया जीनगी भर जलाय रहिबो।
Let's bathe in the love of the New Year,
Share sweet fritters and sweet words,
Keep memories tied in a bundle,
And keep the lamp of our love burning forever.
पाछू के दुःख ल दुरिहा करके
नवा खूसी के अंजोर ल धर के
आगु डहर बढ़बो
हपटबो, गिरबो, रोबो
फेर आगू बढ़े के उदीम करबो।
Leaving past sorrows behind,
Holding the light of new happiness,
We will move forward,
Even if we stumble or fall, we'll try again.
चिखला म सने अज्ञान ल
सफा ज्ञान के पानी म धोबो
धोबों आंखी के चिपरा ल
बने असन चिपी दवा लगाबो
नयन रोग ले दुरीहा, सुग्घर नजारा पाबो।
Wash away the mud of ignorance,
With the clean water of knowledge,
Clear the vision to see a beautiful world.
"चलव ये बखत कुछू नवा करबो
नवा छत्तीसगढ़ ल गढ़बो"
— Param Sahu
लुकावत संस्कृति ल उघारबो
विदेशी संस्कृति ल उखाड़बो
नंदावत फरा चिला ल चौपाटी म खाबों
Dj ल छोड़ मांदर, ढोलक, मंजीरा ल बजाबो
नाचबो पंथी अऊ सुवा ल
भगाबो जात पात के छुआ ल।
Revive the hidden culture,
Enjoy Fara and Chila instead of fast food,
Play Mandar and Dholak instead of DJ,
Dance Panthi and Suva, remove caste barriers.
चलव ये साल ले ठेठरी खुरमी खाबो
चलव गौरी गौरा करमा दरिया गाबो
सुनबो बसदेवा के जय गंगा गीत ल
तीजन संग पंडवानी गुनगुनाबो।
संघर्ष के गाना ल हंस हस के गाबों
गढ़बो नवा जवानी ल, सिखबो पाछू के गलती ले
लिखबो नवा कहानी ल।
Let's eat Thethri-Khurmi, sing Karma-Dadaria,
Listen to Basdeva songs and sing Pandavani,
Sing songs of struggle with a smile,
Build a new youth, learning from past mistakes.
चलव पढ़बो अऊ पढ़ाबो
हमर समाज ल आगू बढ़ाबो
ऊंच निच के मुर्दा ल मरघट म जलाबो
जलाबो बैरी सोच ल
अयोध्या के जगह अपन हिरादे म
राम मंदिर बनाबो।
भुलाबो जुन्ना रिस ल, नई घोरन बानी के बीस ल,
घरम के डबरा ल पाटबो, मुस्लिम भाई संग मया बांटबो।
Educate and advance society,
Burn inequality and bad thoughts,
Build Ram Mandir in our hearts,
Forget old grudges, bridge religious gaps,
Share love with Muslim brothers.
चलव माटी के कर्ज छुटाबो
चलव बेटा के फर्ज निभाबो
चलव हसदेव ल बचाबो
जल जमीन जंगल
ये हमर महतारी के सुंदरता हरे
रुख राई लगाके येकर सुंदरता बढ़ाबो।
नवा बछर के नवा मया म
चल मिल के नहाबो...
Pay back the debt of the soil,
Save Hasdeo forest, our water and land,
Enhance Mother Nature's beauty by planting trees,
Let's bathe in the love of the New Year.
जय जोहार, जय छत्तीसगढ़
"Let us protect our roots, our nature, and our unity. A very Happy New Year to everyone!"
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